एक दिवसीय संगोष्ठी- पुनीत राय स्मृति व्याख्यानमाला
विषय: “स्वतंत्रता आंदोलन में गांधीजी के सत्याग्रह की भूमिका”
दिनांक : 11-02-2026
आदर्श कॉलेज, राजधनवार में स्वतंत्रता सेनानी एवं संस्थापक स्व. पुनीत राय की 39वीं पुण्यतिथि पर 11 फरवरी 2026 को पुनीत राय स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राजनीति विज्ञान विभाग, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
मुख्य वक्ता संत कोलंबाज कॉलेज, हजारीबाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रामप्रिय प्रसाद ने गांधीवादी दर्शन, अहिंसा और सत्याग्रह की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास को उनके विचारों के विकास की आधारभूमि बताते हुए कहा कि नस्लीय भेदभाव के अनुभवों से ही सत्याग्रह की अवधारणा मजबूत हुई, जिसे उन्होंने भारत की स्वतंत्रता का नैतिक हथियार बनाया।
संगोष्ठी के अध्यक्ष कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) बी. के. मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्व. पुनीत राय के शिक्षा एवं समाजसेवा में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पुनीत राय ने 17 विद्यालयों और एक महाविद्यालय की स्थापना कर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार किया। साथ ही महाविद्यालय को पुनीत राय ग्रामीण विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने हेतु सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही।
इतिहास विभाग के पूर्व प्राध्यापक डॉ. प्रफुल्ल कुमार सिंह ने स्वo पुनीत राय के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुवे पुनीत राय को गांधी जी का अनुआयी बताया, राजनीत विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलिका ने संगोष्ठी का विषय प्रवेश कराया | संगोष्ठी को श्री प्रमोद चौधरी एवं डॉ. अनिल कुमार बरनवाल ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में श्री रत्नेश्वरी प्रसाद देव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कर्मक्रम का संचालन शोध एवम् विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. रोशन कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन IQAC के कॉर्डिनेटर डॉ. कृष्ण कुमार ने दिया।
